॥ ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ॥
श्री बालाजी दरबार | पीलीभीत
संकट निवारण एवं सिद्ध अर्जी प्रक्रिया
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🚩 दरबार एवं महंत परंपरा

श्री बालाजी दरबार पीलीभीत में हर प्रकार के तंत्र-मंत्र बाधा, असाध्य शारीरिक/मानसिक कष्ट, गृह क्लेश एवं मनोकामना हेतु भक्तजन उपस्थित होते हैं। पूर्वाधिकारी परम पूज्य गुरुदेव पं. अखिलेश वशिष्ठ जी महाराज के आशीर्वाद से वर्तमान में महंत पं. अमोल वशिष्ठ जी के दिव्य निर्देशन में पिछले 5 वर्षों से संकट निवारण दरबार निरंतर लगाया जा रहा है।

📝 दरबार अर्जी एवं प्राप्त होने वाली सामग्री
अर्जी दक्षिणा शुल्क: ₹ 1100/-

दरबार में उपस्थित होकर महंत जी से परामर्श के पश्चात् ₹1100 की अर्जी लगाई जाती है। अर्जी लगने पर दरबार से निम्नलिखित सिद्ध सामग्री प्रदान की जाती है:

🕯️ 41 दिवसीय घर की साधना व नियम विधि
  1. 1. अर्जी बाँधना एवं स्थापना: दरबार से प्राप्त सिद्ध पुष्प (फूल) को लाल या पीले कपड़े में **1 मुट्ठी चावल** एवं **₹101** रखकर कपड़े में **3 गांठें** लगाएं। इसके बाद इसे परिवार के सभी सदस्यों के ऊपर से **7-7 बार उतार कर (वारा देकर)** दरबार से मिली बालाजी महाराज की तस्वीर के चरणों में स्थापित कर दें।
  2. 2. नित्य दीप प्रज्वलन व जयकारा: लगातार **41 दिनों तक** सुबह और शाम के समय बालाजी महाराज के सामने शुद्ध देसी घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं और दरबार का जयकारा बोलें।
  3. 3. धूनी विधान: प्रतिदिन सुबह और शाम गूगल (गूगल धूप), राई, सिद्ध देसी घी या सरसों के तेल का मिश्रण बनाकर घर में धूनी दें।
  4. 4. सिद्ध सामग्री का प्रयोग: दरबार से प्राप्त भभूति, गंगाजल एवं घी का प्रयोग महंत जी द्वारा बताए गए नियमानुसार ही करें।
🚫 41 दिनों के कड़े परहेज (नियम)

अर्जी के 41 दिनों की अवधि के दौरान निम्नलिखित चीज़ों का पूर्ण परहेज रखना अनिवार्य है, अन्यथा अर्जी का प्रभाव खंडित हो सकता है:

❌ दूध, दही, छाछ, रायता
❌ सफेद वस्तुएं व बूंदी
❌ प्याज एवं लहसुन
❌ बेसन की बनी कोई भी चीज़
पूर्ण सात्विकता एवं ब्रह्मचर्य का पालन अत्यंत अनिवार्य है।
🔥 संकट कटान हवन एवं कार्य पूर्णता
📲 अर्जी एवं दरबार संपर्क

यदि आप दरबार में उपस्थित होकर अर्जी लगाना चाहते हैं या महंत जी से परामर्श करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए बटन पर संपर्क करें:

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